माता मानसा देवी मंदिर

माता मानसा देवी मंदिर

महत्वपूर्ण जानकारी

  • पता: सेक्टर 4, मनसा देवी कॉम्प्लेक्स, एमडीसी सेक्टर 4, पंचकुला, हरियाणा
  • समय: ग्रीष्मकाल: 04:00 पूर्वाह्न - 10:00 अपराह्न।
  • सर्दियाँ: 05:00 पूर्वाह्न - 09:00 अपराह्न।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: मनसा देवी मंदिर से लगभग 7.1 किलोमीटर की दूरी पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन।
  • निकटतम हवाई अड्डा: चंडीगढ़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, मनसा देवी मंदिर से लगभग 18.2 किलोमीटर की दूरी पर।
  • क्या आप जानते हैं : माता मनसा देवी मंदिर का निर्माण 1811-1815 की अवधि के दौरान मणि माजरा के महाराजा गोपाल सिंह के काल में हुआ था।

माता मानसा देवी मंदिर एक हिन्दू मंदिर है जो कि भारत के राज्य हरियाणा के पंचकुला जिले में स्थिति है। यह मंदिर माता मानसा देवी को पूर्णतः समर्पित है। मंदिर परिसर बिलासपुर गांव में शिवालिक तलहटी के लगभग 100 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। यह मंदिर चंडी मंदिर से 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

यह उत्तर भारत के प्रमुख शक्ति मंदिरों में से एक है। हजारों भक्त देश के विभिन्न हिस्सों से मंदिर में आते हैं, और विशेष रूप से नवरात्र मेला के दौरान, नौ शुभ दिन के लिए यह संख्या हर रोज लाखों तक बढ़ जाती है।

माता मानसा देवी मंदिर का निर्माण मणि माजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने 1811-1815 की अवधि के दौरान किया गया था। मुख्य मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर पटियाला मंदिर है जिसे 1840 में तत्कालीन महाराजा पटियाला के एक सिख करम सिंह ने बनाया था। इस मंदिर में मनीमाजरा रियासत राज्य का संरक्षण था।

राज्य सरकार के संरक्षण पीईपीएसयू में रियासतों के विलय के बाद मंदिर पर ध्यान नहीं दिया गया गया था। मनीमाजरा के राजा ने इस मंदिर की सेवा के लिए एक पुजारी को नियुक्त किया जिसका कर्तव्य मंदिर की सेवा व देवी की पूजा करना था।

पीईपीएसयू में रियासतों के विलय के बाद इस मंदिर के हालत दिनों दिन बिगड़ती गई थी। मंदिर के पुजारियों मंदिर की व्यवस्था व आवश्यक सुविधायें प्रदान करने में असमर्थ रहे। बाद में, हरियाणा सरकार ने मंदिर संभाला और मंदिर का प्रबंधन करने के लिए श्री माता मानसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकुला ट्रस्ट की स्थापना की।

मंदिर का दौरा करने का सबसे अच्छा समय नवरात्रि के त्यौहार के दौरान होता है जब यह शानदार ढंग से सजाया जाता है और भक्ति गतिविधियों से भरा होता है। मंदिर पूरे वर्ष खुला रहता है और सभी जातियों और पंथ के आगंतुकों का स्वागत करता है।




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