रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर

महत्वपूर्ण जानकारी

  • Location: Rameswaram, Tamil Nadu 623526
  • Temple Open and Close Timing: Morning: 05:00 am to 01:00 pm
  • Evening: 03:00 pm to 09:00 pm.
  • Pooja Timings in Rameshwaram Temple: 
  • Palliyarai Deepa Arathana : 05:00 am
  • Spadigalinga Deepa Arathana : 05:10 am
  • Thiruvananthal Deepa Arathana: 05:45 am
  • Vila Pooja : 07:00 am
  • Kalasanthi Pooja: 10:00 am   
  • Uchikala Pooja : 12:00 noon
  • Sayaratcha Pooja : 06:00 pm
  • Arthajama Pooja : 08:30 pm  
  • Palliyarai Pooja : 08:45 pm
  • Nearest Railway Station: Rameswaram Railway Station (RMM) at a distance of nearly 1 kilometres from Rameswaram Temple.
  • Nearest Airport: Madurai at a distance of nearly 163 kilometres from Rameswaram Temple.
  • Best Time to visit: October to March.
  • District: Ramanathapuram district
  • Important festival: Maha Shivaratri.
  • Primary deity: Ramanathaswamy (Shiva).
  • Did you know: Rameshwaram Temple corridor is the longest corridor in the world and which makes it unique from other Indian temples.

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर एक हिन्दूओं का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। यह मंदिर पूर्णतः भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। यह तमिल नाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। रामेश्वरम मंदिर में स्थित ज्योति लिंग भगवान शिव के 12 ज्योति लिंग में से एक है तथा रामेश्वरम को ग्यारवां ज्योतिर्लिंग माना जाता है। रामेश्वरम चेन्नई से लगभग सवा चार सौ मील दक्षिण-पूर्व में है। यह हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से चारों ओर से घिरा हुआ एक सुंदर शंख आकार द्वीप है।

12 वीं शताब्दी के दौरान पांड्या राजवंश के द्वारा मंदिर का विस्तार किया गया था, और इसके प्रमुख तीर्थस्थानों को जेयवेरा सिक्कायारीय द्वारा पुनर्निर्मित किया गया था और जाफना साम्राज्य के उत्तराधिकारी गूनवीरा सिंकैयारियन द्वारा पुनर्निर्माण में सहयोग किया था। माना जाता है कि रामानाथस्वामी (शिव) के शिवलिंग को भगवान विष्णु के अवतार, राम द्वारा स्थापित किया गया था।

रामेश्वरम का गलियारा विश्व का सबसे लंबा गलियारा है। इसके परकोटे की चैड़ाई 6 मी. तथा ऊंचाई 9 मी. है। मंदिर के प्रवेशद्वार का गोपुरम 38.4 मी. ऊंचा है। यह मंदिर लगभग 6 हेक्टेयर में बना हुआ है। इस मंदिर का गलियारा बहुत सुन्दर बनाया गया है जो कि भारत की प्राचीन कला व सभ्यता का प्रदर्शन करता है। रामेश्वरम मंदिर भारत के ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है तथा इस मंदिर को भव्यता और इतिहास को जानने के लिए विदेशों से भक्त आते है।

पौराणिक कथा रामायण के अनुसार, भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम ने रामायण युद्ध के दौरान रावण का वध किया था। रावण जो पुलस्त्य महर्षि का नाती था। चारों वेदों का जाननेवाला था और था शिवजी का बड़ा भक्त। इस कारण राम को उसे मारने के बाद बड़ा खेद हुआ। ब्रह्मा-हत्या का पाप उन्हें लग गया। इस पाप को धोने के लिए उन्होने रामेश्वरम् में शिवलिंग की स्थापना करने का निश्चय किया। उन्होंने हनुमान को आदेश दिया कि वह हिमालय से भगवान शिव लिंग को लेकर आये। जब हनुमान को शिवलिंग लाने में देरी हो गई, माता सीता ने समुद्र तट में उपलब्ध रेत से एक छोटा शिवलिंग बनाया, छोटे आकार का यही शिवलिंग रामनाथ कहलाता है। बाद में हनुमान के आने पर पहले छोटे शिवलिंग के पास ही राम ने काले पत्थर के उस बड़े शिवलिंग को स्थापित कर दिया। ये दोनों शिवलिंग इस तीर्थ के मुख्य मंदिर में आज भी पूजित हैं। यही मुख्य शिवलिंग ज्योतिर्लिंग है।




Shiv Festival(s)










फोटो गैलरी







2022 के आगामी त्यौहार और व्रत











दिव्य समाचार











Humble request: Write your valuable suggestions in the comment box below to make the website better and share this informative treasure with your friends. If there is any error / correction, you can also contact me through e-mail by clicking here. Thank you.

EN हिं